अर्थव्यवस्था

10 अक्तूबर 2014
‘बीमारू‘ मध्य प्रदेश अब लिख रहा भारत की विकास गाथा

एक दशक पहले तक मध्य प्रदेश की गिनती बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ सबसे पिछड़े या ‘बीमारू‘ राज्यों में हुआ करती थी। लेकिन ऐसा लगता है कि शिवराज सिंह चौहान ने अभावों को अवसरों में बदल दिया है और मध्य प्रदेश की गिनती अब देश के सबसे तेज गति से बढ़ने वाले राज्यों में होने लगी है।

30 सितम्बर 2014
कर प्रणाली सुधार में चाहिए रफ्तार

भारत में आम तौर पर कर कानूनों, कर प्रशासन और लेखाकारों की भूमिका को संशय की नजरों से देखा जाता रहा है। इसकी मुख्य वजह इस क्षेत्र में कारगर सुधारों के लिए प्रोत्साहनों की कमी रही है। इस देश में कर प्रणाली एक जटिल मसला रहा है, पर अब चूंकि कर प्रणाली को सुधारों के अगले चरण में प्रवेश करना है इसलिए सरकार को इसे सरल तथा सबके लिए उपयोगी बनाने के लिए इससे जुड़े सभी संबंधित पक्षों को अपने दायरे में शामिल करना होगा।

26 सितम्बर 2014
भारत-अमेरिकी संबंध: स्वामी विवेकानंद, इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी

इस साल मैं 50 वर्ष का हो गया। यह मेरे लिए केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर नहीं है। वास्तव में, यह कोई मील का पत्थर है ही नहीं, यह तो केवल एक परिवर्तन है। बिल्कुल भारत की ही तरह जहां हमारा जन्म हुआ-जहां समृद्धि और संभावनाएं दोनों मुश्किल से आती थीं, आज एक समावेशी भारत में बदल चुका है। इस परिवर्तन का मैं खुद गवाह रहा हूं इसलिए मैं अपने देश के जीवित इतिहास का एक हिस्सा महसूस करता हूं जो सालों की बंद अर्थव्यवस्था के बाद अब उभर कर सामने आ रहा है।

19 Sep 2014
स्वयं सहायता समूहों को जनधन खातों से तुरंत मिलेगा ऋण: संधु

नई दिल्ली। देश के स्वयं सहायता समूहों को जनधन खातों से कर्ज की सुविधाएं तुरंत मिलेंगी और उन्हें इसके लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग में सचिव जी एस संधु ने यह जानकारी दी।

22 सितम्बर 2014
रूपे, बीमा वाले जन धन योजना के लाभ सहकारी बैंक खातों को भी होंगे सुलभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले जाने वाले खातों से जुड़े रूपे डेबिट कार्ड, बीमा तथा ओवरड्ाफ्ट सुविधाओं के लाभ सहकारी बैंकों द्वारा खोले गए खातों पर भी लागू होंगे। वित मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरूवार को यह जानकारी दी।

11 सितम्बर 2014
किस्मत के धनी, मोदी और धोनी

ऐसा अक्सर कहा जाता है कि भारत में दो सबसे अहम काम दो चैंपियनों-भारत केे प्रधानमंत्री और राष्ट्ीय क्रिकेट टीम के कप्तान के हैं। राजनीति और क्रिकेट, इन्हीं दोनों का नशा औसत भारतीयों के दिलो-दिमाग पर छाया रहता है। चाहे इलीट कहे जाने वाले लोगों का सामाजिक जमावड़ा हो या फिर सड़क के किनारे ढाबों पर बैठे निठल्ले, या फिर किसी बस या ट्ेन में यात्रा कर रहे लोग। उनकी बातचीत या बहस का सबसे आम मुद्वा या तो राजनीति होती है या फिर क्रिकेट।

12 सितम्बर 2014
कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं कर देंगी जीडीपी लक्ष्य को दूर

तेजी से बढती जनसंख्या के बोझ, गरीबी और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण भारत के सामने शायद दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा चुनौती है

28 अगस्त 2014
मोदी की ‘डिजिटल इंडिया योजना:113,000 करोड़ रूपये की बर्बादी ?

मीडिया में डिजिटल इंडिया पर कई तरह की खबरें आ रही हैं जिनमें इसे आधी-अधूरी योजना और करदाताओं के पैसे की बर्बादी करार दिया जा रहा है। भारत की पहली राष्ट्ीय ई-गवर्नेंस योजना 2004 में शुरू हुई और फिर कपिल सिब्बल के नेतृत्व वाले संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इसका पुर्नअवतार किया गया।

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