अर्थव्यवस्था

8 सितम्बर 2014
ब्रिक्स बैंक का लक्ष्य समानता हासिल करना, वैश्विक वित्तीय संस्थानों को चुनौती देना नहीं

ब्रिक्स बैंक के गठन के पीछे उद्वेश्य दीर्घकालिक परियोजनाओं को राशि तथा जोखिम से निपटने की पूंजी मुहैया कराना है। इसका लक्ष्य आईएमएफ और विश्व बैंक जैसे मौजूदा बहुस्तरीय वित्तीय संस्थानों को चुनौती देना नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन नेे पिछले दिनों शिकागो में शिकागो कौंसिल ऑन ग्लोबल अफेयर्स द्वारा आयोजित एक समारोह के दौरान अपने भाषण में यह बात कही।

19 सितम्बर 2014
आर्थिक आंकड़ों को मापने के तरीके दुरूस्त करने की जरूरत

जीडीपी, औद्योगिक उत्पादन और महंगाई दर जैसे सूक्ष्म आर्थिक आंकड़ों में व्यापक उतार चढ़ाव और बड़े संशोधन इन संख्याओं की साख को लेकर सवाल खड़े करते हैं। पिछले दो वर्षो के दौरान आर्थिक विकास, औद्योगिक उत्पादन, विदेश व्यापार और महंगाई दर आंकड़ों में कई बार और काफी बड़े संशोधन हुए हैं। इसके अतिरिक्त, महीना दर महीना और तिमाही दर तिमाही आधार पर इन आंकड़ों में होने वाले बड़े उतार चढ़ावों ने इनकी साख को भी धक्का पहुंचाया है।

04 सितंबर 2014
क्या तरलता संकट की तरफ बढ़ रहे हैं भारतीय बैंक?

आज के दौर में, जब फिजां में चारों तरफ वित्तीय समावेश की ही चर्चा है, बड़े उद्योगपतियों द्वारा किए जाने वाले डिफॉल्ट की घटनाओं ने एक बार फिर से भारतीय बैंकों के बैलेंस शीट की विकट होती स्थिति पर ध्यान देने को मजबूर कर दिया है। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया द्वारा शराब के सरताज विजय माल्या को ‘हठी डिफॉल्टर‘ घोषित किया जाना बैंकों पर बढ़ते दबाव को रेखांकित करता है।

29 सितम्बर 2014
‘मेक इन इंडिया‘ के लिए श्रम सुधार

सरकार जल्द ही उद्योग एवं श्रमिकों की चिंताओं के समग्र और संतुलित दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक श्रम सुधार के लिए कदम उठाएगी। यह कहना है केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का।

2 अक्तूबर, 2014
आर्थिक विकास की किसे है परवाह ?

जबसे रघुराम राजन ने भारतीय रिजर्व बैंक की बागडोर संभाली है, मीडिया ने उन्हें एक हीरो (या कहें तो रॉक स्टॉर की सी अपील रखने वाले अर्थशास्त्री) और महंगाई दर के खिलाफ जोरदार तरीके से लड़ने वाले महायोद्धा के खिताब से नवाज रखा है।

22 सितम्बर 2014
‘नीति जड़ता‘ दूर करने के लिए वित्तीय सलाहकार पदों का खात्मा जरूरी

भारत में आर्थिक सुधारों से संबंधित विचाराधीन कार्यों में एक अहम कार्य व्यय की प्रक्रिया और प्रबंधन से जुड़ा है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में व्यय सुधारों के विभिन्न पहलुओं पर गौर करने और राजकोषीय अनुशासन को बेहतर बनाने के रास्ते सुझाने के लिए एक पैनल नियुक्त किया है।


भविष्य के लिए माइक्रोफाइनेंस एजेन्डा

माइक्रोफाइनेंस एक व्यवहार्य व्यवसाय साबित हुआ है जो गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस सेक्टर के और विकसित होने के लिए एमएफआई को बचत जमाओं को लेने की अनुमति दी जानी चाहिए और विनियमन को उन्हें इजाजत देनी चाहिए कि वे निम्न आय समूहों के लिए पूर्ण वित्तीय सेवा चैनल बन सकें

9 अक्तूबर 2014
कौशल विकास योजनाओं को युक्तिसंगत बनाने की है दरकार

कौशल का अंतर देश में बड़ी संख्या में युवाओं के रोजगार के लिए एक बड़ी चुनौती है। नई सरकार ने कौशल विकास को शीर्ष प्राथमिकता दी है और काफी सलाह मशविरों के बाद परिणाम पर फोकस के साथ इस नई योजना को साल के अंत तक लागू कर दिया जाएगा। कौशल विकास पर केंद्रीय सरकार की योजनाओं को युक्तिसंगत बनाने पर सचिवों की एक समिति ने अपनी अनुशंसाएं सौंप दी है और कौशल विकास मंत्रालय ने समिति की अनुशंसाओं को 15 अक्तूबर 2014 तक टिपण्णियों के लिए इसे सार्वजनिक वेबसाइट पर डाल दिया है।

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