फीचर

24 सितम्बर 2014
हिन्दी-चीनी भाई भाई में है ‘ भरोसे की चीनी कम‘

दृश्य 1: चीन के राष्ट्पति जी जिनपिंग ने भारत की अपनी राजकीय यात्रा तुरंत समाप्त की है और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को युद्व के लिए तैयार रहने को कह दिया है, लेकिन साथ में वह यह भी कहते हैं कि भारत को संदेह करने की जरूरत नहीं है जबकि पूर्वी लद्वाख के चुमार में भारत और चीन की सेनाएं बेहद तनातनी के माहौल में एक दूसरे के खिलाफ जुटी हुई हैं।

11 सितम्बर 2014
किस्मत के धनी, मोदी और धोनी

ऐसा अक्सर कहा जाता है कि भारत में दो सबसे अहम काम दो चैंपियनों-भारत केे प्रधानमंत्री और राष्ट्ीय क्रिकेट टीम के कप्तान के हैं। राजनीति और क्रिकेट, इन्हीं दोनों का नशा औसत भारतीयों के दिलो-दिमाग पर छाया रहता है। चाहे इलीट कहे जाने वाले लोगों का सामाजिक जमावड़ा हो या फिर सड़क के किनारे ढाबों पर बैठे निठल्ले, या फिर किसी बस या ट्ेन में यात्रा कर रहे लोग। उनकी बातचीत या बहस का सबसे आम मुद्वा या तो राजनीति होती है या फिर क्रिकेट।

24 सितम्बर 2014
मध्य प्रदेश में ई-गवर्नंस का दिख रहा है असर

मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस का असर दिखने लगा है। सरकार एक पोर्टल स्थापित करने के जरिये सभी अहम जानकारियों एवं सभी विभागों के कार्यक्रमों को आम जन तक पहुंचाने का काम कर रही है जो काफी कारगर साबित हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ई-गवर्नेंस ने शासन को जनता के प्रति जबावदेह बनाया है। इंडिया 2.0 पर स्कॉच ग्रुप द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान ये जानकारी सामने आई।

3 अक्तूबर, 2014
समृद्धि की ओर ले जाता मोदी का स्वच्छ भारत अभियान

4 फरवरी 1916। महात्मा गांधी ने काशी विश्वनाथ मंदिर की यात्रा की और इस दौरान उन्हें लगातार गंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भी भाषण दिया जहां वह इसके संस्थापक मदन मोहन मालवीय के आमंत्रण पर आए थे। चूंकि वह इस पवित्र नगरी में अपने अनुभव से खुश नहीं थे, इसलिए उन्होंने कहा‘ क्या यह महान मंदिर हमारे अपने चरित्र का प्रतिबिंब नहीं है?