गवर्नेंस

31 अक्तूबर 2014
बुनियादी ढांचे और उद्योग के लिए भूमि अधिग्रहण

पिछले कुछ समय से अपर्याप्त क्षतिपूर्ति और प्रभावित लोगों की आजीविका के नुकसान तथा बिना उचित पुनर्वास के अनिच्छुक विस्थापन के कारण कई मामलों में सरकार और कंपनियों द्वारा भूमि अधिग्रहण का प्रतिरोध हो रहा है। नए कानूनों एवं बुनियादी ढांचे और उद्योग पर इसके प्रभाव के संदर्भ में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुद्वों का विश्लेषण कर रहे हैं एन सी सक्सेना

17 अक्तूबर 2014
श्रमेव जयते : राष्ट्र निर्माण का मोदी का नया मंत्र

धरोहर के रूप में रोजगारविहीन विकास की विरासत पाना किसी भी नई सरकार के लिए बहुत खुशगवार बात नहीं हो सकती। लेकिन नरेन्द्र मोदी ने इस बड़ी चुनौती को कुछ अहम श्रम सुधारों के आगाज के एक अवसर के रूप में लिया है।

16 अक्तूबर 2014
क्रोनी पूंजीवाद से दबावमुक्त सरकार में दिख रहा काम का जज्बा

मैं जब भी केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलता हूं, तो हमेशा उनसे एक ही सवाल पूछता हूं। मोदी सरकार के आने से क्या बदलाव आया है? लगभग एक स्वर से वे कहते हैं कि जो सबसे बड़ा बदलाव आया है वह यह कि अब सभी प्रकार के क्रोनी पूंजीवाद से संबंधित दबाव खत्म हो चुके हैं और अब वे वास्तव में महसूस करते हैं कि वे भारत के लिए काम कर रहे हैं न कि किसी एक व्यक्ति के लिए। अधिकारियों में अधिकारिता का एक नया हौसला दिख रहा है और अधिकांश अधिकारियों का यह विश्वास है कि सरकार उनके फैसलों का समर्थन करेगी और उन्हें उनकी वास्तविक गलतियों के लिए बेवजह फटकार नहीं पड़ेगी।

10 अक्तूबर 2014
‘बीमारू‘ मध्य प्रदेश अब लिख रहा भारत की विकास गाथा

एक दशक पहले तक मध्य प्रदेश की गिनती बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ सबसे पिछड़े या ‘बीमारू‘ राज्यों में हुआ करती थी। लेकिन ऐसा लगता है कि शिवराज सिंह चौहान ने अभावों को अवसरों में बदल दिया है और मध्य प्रदेश की गिनती अब देश के सबसे तेज गति से बढ़ने वाले राज्यों में होने लगी है।

7 अक्तूबर, 2014
हैमलेट, हैदर और नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर यानी एनआईसी के संदर्भ में ‘हो या न हो‘ का यक्ष प्रश्न लंबे समय से उठाया जाता रहा है। जब इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग यानी डेयटी के सचिव यह कहते हैं कि एनआईसी के पास प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित ‘डिजिटल इंडिया‘ को क्रियान्वित करने की क्षमता का एक अंश भी नहीं है तो इस वक्तव्य को या तो एनआईसी की एक आलोचना या फिर एनआईसी को जीवंत बनाने की एक योजना शुरू करने की पूर्व-भूमिका के रूप में देखा जा सकता है जो एनआईसी को एक ऐसे मजबूत सूचना प्रणाली संगठन के रूप में बदल देने में मदद करे जिसपर कोई भी देश गर्व महसूस करे।

1 अक्तूबर, 2014
स्मार्ट शहरों के लिए जरूरी है प्रतिबद्धता

स्मार्ट शहरों की धारणा पर हम तभी से विचार कर रहे हैं जब से प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी ने 100 स्मार्ट शहरों की घोषणा की है। मैं तो यह कहूंगा कि समाज तभी तरक्की करता है जब उसमें रहने वाले लोग सलाह मशविरे के तरीके से एक साथ आते हैं और एक समान लक्ष्य कि -उनका देश विकास करे और वहां शांति और समृद्धि आए- अर्जित करने के लिए मिलकर काम करते हैं। यह आवश्यक है कि हम ऐसे वातावरण का निर्माण करें जहां लोग समाज में मूल्य संवर्द्धन के लिए आगे आएं और आपस में विचारों का आदान प्रदान करें।

19 Sep 2014
स्वयं सहायता समूहों को जनधन खातों से तुरंत मिलेगा ऋण: संधु

नई दिल्ली। देश के स्वयं सहायता समूहों को जनधन खातों से कर्ज की सुविधाएं तुरंत मिलेंगी और उन्हें इसके लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग में सचिव जी एस संधु ने यह जानकारी दी।

22 सितम्बर 2014
रूपे, बीमा वाले जन धन योजना के लाभ सहकारी बैंक खातों को भी होंगे सुलभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले जाने वाले खातों से जुड़े रूपे डेबिट कार्ड, बीमा तथा ओवरड्ाफ्ट सुविधाओं के लाभ सहकारी बैंकों द्वारा खोले गए खातों पर भी लागू होंगे। वित मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरूवार को यह जानकारी दी।

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