ग्रामीण

23 सितम्बर 2014
पंचायतों को शामिल किए बगैर वास्तविक डिजिटल इंडिया मुमकिन नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल इ्रंडिया का विजन पंचायतों को शामिल किए बगैर साकार नहीं होगा। यह मानना है सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का।


मुमकिन है ग्रामीण गरीबी को खत्म करना

देश में बुनियादी ग्रामीण गरीबी का खात्मा अब केवल नारा भर नहीं रह गया है। यह निश्चित रूप से मुमकिन है। एल सी गोयल बता रहे हैं यह कैसे संभव है


ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली में फूंकें नया प्राण

2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन यानी एनआरएचएम की शुरूआत से ही भारत ने शिशु उत्तरजीविता, मातृत्व मृत्यु दर, प्रतिरक्षण और जनसंख्या स्थिरीकरण जैसे अपने प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय बेहतरी हासिल की है।


खाद्य सुरक्षा के लिए करें गुजरात मॉडल का अनुसरण

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारतीय श्रम बल का 54 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा कृषि से जुड़ा हुआ है। पिछले 20 वर्षों से हम कृषि में 4 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और विफल हो रहे हैं। जब से सुधारों का दौर शुरू हुआ तब से ही कृषि की विकास दर 3.2 से 3.3 फीसदी के इर्द-गिर्द मंडराती रही है।


भविष्य के लिए माइक्रोफाइनेंस एजेन्डा

माइक्रोफाइनेंस एक व्यवहार्य व्यवसाय साबित हुआ है जो गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस सेक्टर के और विकसित होने के लिए एमएफआई को बचत जमाओं को लेने की अनुमति दी जानी चाहिए और विनियमन को उन्हें इजाजत देनी चाहिए कि वे निम्न आय समूहों के लिए पूर्ण वित्तीय सेवा चैनल बन सकें