सोसायटी

29 अक्तूबर 2014
शिल्प, संस्कृति और पर्यटन: पारंपरिक कौशलों को आजीविका से जोड़ने पर बनेगी बात

अलग-अलग मंत्रालयों को दूसरे मंत्रालयों की गतिविधियों के बारे में अपनी आंख और दरवाजे खोलने में सक्षम बनाने और प्रोत्साहित करने पर जिससे समन्वय की भावना पैदा होती है, लंबे समय से विचार होता रहा है। इसके लिए किसी ‘बाहरी व्यक्ति‘ जैसाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद को परिभाषित करते हैं, की जरूरत थी जो इसकी पहचान करे और मंत्रालयों को आपस में सहयोग करने के लिए प्रेरित करे न कि आपस में होड़ करने और कलहपूर्ण जागीरदारी की भावना पैदा करने को।

13 अक्तूबर 2014
कुछ पुरस्कार सराहना के लिए ही नहीं, वास्तविक भी होते हैं

यह गर्व की बात है कि भारत का नाम एक बार फिर से सम्मानित नोबल पुरस्कार विजेताओं की फेहरिस्त में शुमार है। व्यक्तिगत लिहाज से मदर टेरेसा ने 1979 में इसे प्राप्त किया था। अब यह कारनामा एक बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने कर दिखाया है जो नॉर्वे स्थित नोबल पुरस्कार समिति की पसंद बन कर उभरे।

8 अक्तूबर 2014
टीआरपी की होड़ करा सकता है भारत-पाक में जंग

मोदी सरकार ने संप्रग 2 से विरासत में प्राप्त खराब आर्थिक स्थिति से उबरने, भारत को एक निवेश गंतव्य के रूप में विश्व के ध्यान केंद्र में लाने की कोशिश में अभी अभी अपने पांव जमाना शुरू ही किया है कि एक युद्ध जैसे हालात का खतरा मंडराने लगा है जो देश को एक अभूतपूर्व आर्थिक विषाद में डाल सकता है। अगर युद्ध का साया मंडराता है तो क्या कोई महसूस करता है कि इससे सबसे ज्यादा प्रभावित कौन होंगे- भारत के गरीब।

6 अक्तूबर, 2014
बांग्लादेश से लें ‘स्वच्छ भारत‘ के सबक

भारत के 1.25 अरब लोगों में से आधे से ज्यादा खुले में शौच करते हैं और दुनिया में जितने लोग खुले में शौच करते हैं, उनमें से आधे से ज्यादा भारत में रहते हैं।

25 सितम्बर 2014
सामाजिक समावेश: ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना‘ में है बेहतरी की जरूरत

इंडिया 2.0 के लक्ष्य को अर्जित करने के लिए सरकार ने सामाजिक समावेश से संबंधित कई कल्याणकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाया है। इनमें फोकस राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना यानी आरएसबीवाई जैसी वर्तमान में जारी योजनाओं को बेहतर बनाने पर रहा है जिससे कि उन्हें समग्र बनाया जा सके। यह कहना है श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में सचिव गौरी कुमार का।

5 सितम्बर 2014
एलआईसी कर रही गरीबों के बीमा से परहेज

सरकार द्वारा संचालित लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन अर्थात एलआईसी, जो देश में दो तिहाई जीवन बीमा व्यवसाय को नियंत्रित करती है, ने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत प्रस्तावित 30,000 जीवन बीमा की लागत का बोझ उठाने में अनिच्छा जाहिर की है।

15 सितम्बर 2014
आपदाओं से निपटने में अब भी बेहद पीछे है देश

भारत इस मायने में वाकई बदकिस्मत है कि देश के किसी न किसी हिस्से में नियमित अंतराल पर भयानक प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं जिनसे बड़े पैमाने पर जान और माल की हानि होती है।

8 सितम्बर 2014
बैंक गरीबों को लूट कर अमीरों को कर रहे मालामाल

अक्तूबर 2011 से पहले पूरे बैंकिंग सेक्टर में बचत खाताओं पर 4 फीसदी की सालाना ब्याज दर थी-पर विनियंत्रण के बावजूद इनमें बमुश्किल कोई बदलाव आया है

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