स्वयं सहायता समूहों को जनधन खातों से तुरंत मिलेगा ऋण: संधु

बैंक मित्रों को बैंकों से मिलेंगे 5000 रू. के मासिक पारिश्रमिक और कार्यशील पूंजी
बी के झा, विशेष संवाददाता, इनक्लुजन

नई दिल्ली। देश के स्वयं सहायता समूहों को जनधन खातों से कर्ज की सुविधाएं तुरंत मिलेंगी और उन्हें इसके लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग में सचिव जी एस संधु ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सरकार ने बैंक मित्रों यानी बीसी मॉडल को व्यावहार्य बनाने का फैसला किया है और बैंकों से कहा है कि वे उनका 5000 रू. का मासिक पारिश्रमिक और अन्य ऋण सुविधाओं के साथ एक निर्धारित कार्यशील पूंजी तय कर दें।

गुड़गांव स्थित एक थिंकटैंक स्कॉच ग्रुप द्वारा जन धन पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री संधु ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत स्वयं सहायता समूह सबसे सम्मानित वर्ग हैं और उन्हें ऋण या ओवरड्ाफ्ट की सुविधाएं तत्काल मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह वित्तीय रूप से क्रियाशील समूह हैं और ब्याज की अदायगी के जरिये बैंकों को लाभ ही पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि देश के 6 लाख गांवों में से केवल 45 हजार में ही बैंक शाखाओं की सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए इस योजना की सफलता के लिए शाखाओं के विस्तार के साथ साथ बैंक मित्र मॉडल को भी प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि विस्तार करने और गहरी पैठ बनाने के लिए हम कोशिश कर रहे हैं कि बैंक मित्रों के लिए डाक घर, डाकिया, नागरिक सेवा केंद्रों और पीडीएस केन्द्रों जैसे एक जगह निर्धारित स्थानों की पहचान की जाए। इसके साथ-साथ, बेसिक हैंडसेट पर मोबाइल बैंकिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अगला बड़ा कदम बचत पर फोकस के साथ सूक्ष्म बीमा योजनाओं को लागू करने का होगा।

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