23 सितम्बर 2014
पंचायतों को शामिल किए बगैर वास्तविक डिजिटल इंडिया मुमकिन नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल इ्रंडिया का विजन पंचायतों को शामिल किए बगैर साकार नहीं होगा। यह मानना है सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का।

19 सितम्बर 2014
आर्थिक आंकड़ों को मापने के तरीके दुरूस्त करने की जरूरत

जीडीपी, औद्योगिक उत्पादन और महंगाई दर जैसे सूक्ष्म आर्थिक आंकड़ों में व्यापक उतार चढ़ाव और बड़े संशोधन इन संख्याओं की साख को लेकर सवाल खड़े करते हैं। पिछले दो वर्षो के दौरान आर्थिक विकास, औद्योगिक उत्पादन, विदेश व्यापार और महंगाई दर आंकड़ों में कई बार और काफी बड़े संशोधन हुए हैं। इसके अतिरिक्त, महीना दर महीना और तिमाही दर तिमाही आधार पर इन आंकड़ों में होने वाले बड़े उतार चढ़ावों ने इनकी साख को भी धक्का पहुंचाया है।

24 सितम्बर 2014
मध्य प्रदेश में ई-गवर्नंस का दिख रहा है असर

मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस का असर दिखने लगा है। सरकार एक पोर्टल स्थापित करने के जरिये सभी अहम जानकारियों एवं सभी विभागों के कार्यक्रमों को आम जन तक पहुंचाने का काम कर रही है जो काफी कारगर साबित हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ई-गवर्नेंस ने शासन को जनता के प्रति जबावदेह बनाया है। इंडिया 2.0 पर स्कॉच ग्रुप द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान ये जानकारी सामने आई।

04 सितंबर 2014
क्या तरलता संकट की तरफ बढ़ रहे हैं भारतीय बैंक?

आज के दौर में, जब फिजां में चारों तरफ वित्तीय समावेश की ही चर्चा है, बड़े उद्योगपतियों द्वारा किए जाने वाले डिफॉल्ट की घटनाओं ने एक बार फिर से भारतीय बैंकों के बैलेंस शीट की विकट होती स्थिति पर ध्यान देने को मजबूर कर दिया है। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया द्वारा शराब के सरताज विजय माल्या को ‘हठी डिफॉल्टर‘ घोषित किया जाना बैंकों पर बढ़ते दबाव को रेखांकित करता है।

29 सितम्बर 2014
‘मेक इन इंडिया‘ के लिए श्रम सुधार

सरकार जल्द ही उद्योग एवं श्रमिकों की चिंताओं के समग्र और संतुलित दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक श्रम सुधार के लिए कदम उठाएगी। यह कहना है केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का।

2 अक्तूबर, 2014
आर्थिक विकास की किसे है परवाह ?

जबसे रघुराम राजन ने भारतीय रिजर्व बैंक की बागडोर संभाली है, मीडिया ने उन्हें एक हीरो (या कहें तो रॉक स्टॉर की सी अपील रखने वाले अर्थशास्त्री) और महंगाई दर के खिलाफ जोरदार तरीके से लड़ने वाले महायोद्धा के खिताब से नवाज रखा है।

22 सितम्बर 2014
‘नीति जड़ता‘ दूर करने के लिए वित्तीय सलाहकार पदों का खात्मा जरूरी

भारत में आर्थिक सुधारों से संबंधित विचाराधीन कार्यों में एक अहम कार्य व्यय की प्रक्रिया और प्रबंधन से जुड़ा है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में व्यय सुधारों के विभिन्न पहलुओं पर गौर करने और राजकोषीय अनुशासन को बेहतर बनाने के रास्ते सुझाने के लिए एक पैनल नियुक्त किया है।


मुमकिन है ग्रामीण गरीबी को खत्म करना

देश में बुनियादी ग्रामीण गरीबी का खात्मा अब केवल नारा भर नहीं रह गया है। यह निश्चित रूप से मुमकिन है। एल सी गोयल बता रहे हैं यह कैसे संभव है

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