3 अक्तूबर, 2014
समृद्धि की ओर ले जाता मोदी का स्वच्छ भारत अभियान

4 फरवरी 1916। महात्मा गांधी ने काशी विश्वनाथ मंदिर की यात्रा की और इस दौरान उन्हें लगातार गंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भी भाषण दिया जहां वह इसके संस्थापक मदन मोहन मालवीय के आमंत्रण पर आए थे। चूंकि वह इस पवित्र नगरी में अपने अनुभव से खुश नहीं थे, इसलिए उन्होंने कहा‘ क्या यह महान मंदिर हमारे अपने चरित्र का प्रतिबिंब नहीं है?


खाद्य सुरक्षा के लिए करें गुजरात मॉडल का अनुसरण

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारतीय श्रम बल का 54 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा कृषि से जुड़ा हुआ है। पिछले 20 वर्षों से हम कृषि में 4 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और विफल हो रहे हैं। जब से सुधारों का दौर शुरू हुआ तब से ही कृषि की विकास दर 3.2 से 3.3 फीसदी के इर्द-गिर्द मंडराती रही है।


भविष्य के लिए माइक्रोफाइनेंस एजेन्डा

माइक्रोफाइनेंस एक व्यवहार्य व्यवसाय साबित हुआ है जो गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस सेक्टर के और विकसित होने के लिए एमएफआई को बचत जमाओं को लेने की अनुमति दी जानी चाहिए और विनियमन को उन्हें इजाजत देनी चाहिए कि वे निम्न आय समूहों के लिए पूर्ण वित्तीय सेवा चैनल बन सकें

9 अक्तूबर 2014
कौशल विकास योजनाओं को युक्तिसंगत बनाने की है दरकार

कौशल का अंतर देश में बड़ी संख्या में युवाओं के रोजगार के लिए एक बड़ी चुनौती है। नई सरकार ने कौशल विकास को शीर्ष प्राथमिकता दी है और काफी सलाह मशविरों के बाद परिणाम पर फोकस के साथ इस नई योजना को साल के अंत तक लागू कर दिया जाएगा। कौशल विकास पर केंद्रीय सरकार की योजनाओं को युक्तिसंगत बनाने पर सचिवों की एक समिति ने अपनी अनुशंसाएं सौंप दी है और कौशल विकास मंत्रालय ने समिति की अनुशंसाओं को 15 अक्तूबर 2014 तक टिपण्णियों के लिए इसे सार्वजनिक वेबसाइट पर डाल दिया है।

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